News Desk

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लोक भाषाओं के उन्नयन हेतु सम्मिलित प्रयास जरूरी

यह सर्वविदित है कि हमारा उत्तराखंड दो मंडलों, कुमाऊं और गढ़वाल से मिलकर बना है। कुमाऊं में बोली जाने वाली लोक भाषा कुमाउनी कहलाती है और गढ़वाल में बोली जाने वाली लोक भाषा गढ़वाली कही जाती है। इन दोनों लोक…

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अभियान का आठवां दिन सम्पन्न

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, नमामि गंगे उत्तराखण्ड तथा योग विज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के संयुक्त तत्वावधान में संचालित “आओ हम सब योग करें” अभियान के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय…

पत्रकार हेम भट्ट से मिले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

पत्रकार हेम भट्ट और उनके परिवार से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री और एसटीएफ के एसएसपी के बीच हुई बातचीत से प्रतीत हुआ कि हेम भट्ट के विरुद्ध ऐसा कुछ भी नहीं है,…

कपकोट विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच गहरी पैठ रखने वाले नामचीन कांग्रेसी नेता आखिर पार्टी से दूरी क्यों बना रहे हैं

कपकोट की राजनीति में कांग्रेस के कई चेहरे थे जो अपने अपने क्षेत्र में सामाजिक व पंचायत राज व्यवस्था की राजनीति में महत्वपूर्ण चेहरों के रूप में स्वीकारे जाते थे। इन चेहरों की वोटो पर अच्छी पकड़ हमेशा बनी रही…

जल जीवन मिशन परियोजना- सरकार ना हींग लगा रही है और ना ही फिटकरी

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्रीष्मकाल लगते ही संपूर्ण उत्तराखंड में पेयजल के लिए त्राहिमाम करती हुई लंबी-लंबी लाइने लग ही रही हैं। पेयजल के लिए तैनात सरकारी महकमे हर संभव कोशिश में लगे रहते हैं कि पेयजल…

पहाड़ से पहाड़ को छीन कर सड़क छाप बनाने में अहम भूमिका निभाई है 20 सूत्रीय कार्यक्रम ने

1975 में जनता के टैक्स को केन्द्र में रख कर तैयार किया गया 20 सूत्रीय कार्यक्रम जमीन पर उतरा गया। इस कार्यक्रम को जमीन पर उतारते समय गांव की स्थितियों-परिस्थितियों, गांव की सभ्यताओं, गांव के तौर तरीकों को बिल्कुल भी…

महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना तथा खाद्यान्न सुरक्षा योजना के साथ की गई छेड़छाड़ भाजपा के लिए बन सकती है खतरे की घंटी

पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जिनका नाम दुनिया के महानतम् अर्थशास्त्रियों में भी सुमार था ने अपने कार्यकाल में भारत के ग्रामीण समाज के लिए भोजन का अधिकार और काम का अधिकार नाम से दो महत्वपूर्ण कानून बनाईं और इन…

हिमालय ,हिमालय की नदियों और हिमालय के समाज को बचाने के लिए उगाने ही होंगे मिश्रित वन चीड़ के (आग के) खेतों में

इधर दो-तीन दिन से पहाड़ों पर वातावरण में तपिश बढ़ने के साथ ही चीड़ के खेतों के रूप में मौजूद जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। पहले ईस्ट इंडिया कंपनी की हुकूमत ने और बाद में ब्रिटिश…

बोतल बंद पानी की कम्पनियों ने कब्जा जमा लिया है सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में

उत्तराखंड में सार्वजनिक कार्यक्रमों में पिलाए जाने वाले पानी की व्यवस्था पर नीले हरे काले लाल ढक्कनो वाले बोतल बंद पानी ने कब्जा कर लिया है। कंपनियां समाज की जरूरत के हिसाब से अपना उत्पाद चुनती है, उत्पाद को अंतिम…

सरकार के प्राथमिक तथा जूनियर विद्यालयों की ओर पीठ क्यों कर रहे हैं ग्रामीण अभिभावक?

यूं तो उत्तराखंड के सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्र में दो तीन प्रतिशत प्राथमिक तथा जूनियर जमात की पाठशालाओं को सूची से हटा दिया जाए तो शेष पाठशालाओं में शिक्षा का स्तर एक जैसा ही है। और इसी बुरी स्थिति की वजह…