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भारी बारिश के बावजूद उत्तराखंड की महिलाओं और आंदोलनकारियों ने किया सीबीआई कार्यालय की तालाबंदी, अंकिता भंडारी मामले में उठाए तीखे सवाल

वीरांगना अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आज देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय, सीमा द्वार (निकट आईटीबीपी) में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी पहुंचे। भारी बारिश के बावजूद महिलाओं, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का…

जातीय विद्वेष घृणा नफरत का उत्तराखंड में न तो केतन एक अकेला पीड़ित है और जैसा समाज हम बन गए हैं तो न अन्तिम है ..(इन्द्रेश मैखुरी)

केतन की हत्या को लेकर कोई सन्देह की गुंजाईश ही नहीं थी पहले दिन से ही कि यह जातीय विद्वेष से उत्पन्न घृणा क्रोध हिंसा का परिणाम है । जातीय कोण (ऐंगल) न होने पर इसी तरह के प्रसंग और…

आदमी की चेतना का मनोविज्ञान, वर्तमान विश्व राजनीति, उत्तराखण्ड में घट रही घटनाएँ और मनोविज्ञान- (डॉ 0 प्रभात उप्रेती)

मनोविज्ञान ने यह प्रश्न उठाया कि आखिर आदमी है क्या? तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रसार ने आदमी की हैसियत को मझधार में डाल दिया है। उसके होने के अर्थ ही बदल गए हैं। वह मानो अपने ही अस्तित्व…

शिविरों की राजनीति या राजनीति के शिविर

भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तराखंड में दसवां साल पूरा करने जा रही है। इन 10 सालों में भारतीय जनता पार्टी के पास खुद इतना नैतिक साहस नहीं है कि वह खुली बहस जनता के बीच करवा सके कि उसने…