
इमरजेंसी तो देश की अखंडता और एकता के हित में संवैधानिक मर्यादाओं की सीमा में थी -( विक्रम रमोला )
अभी जो लोग आपातकाल को एनसीईआरटी की किताब में एक जरूरी अध्याय के रूप में समायोजित करने का शोर शराबा कर रहे हैं ने शायद NCERT के कक्षा 12 की किताब ही नहीँ देखी, पढ़ना तो दूर की बात है……


