Category संस्कृति

कपकोट के आपदा पीड़ित कुंवारी गांव में फिर जगी पुनर्वास की उम्मीद न्यायाधीश के पद पर तैनात गांव की बेटी इंदिरा दानू ने गांव में भव्य मंदिर निर्माण करवा कर बगलामुखी देवी की मूर्ति में करवाई प्राण प्रतिष्ठा – (सुरेश पाण्डेय)

वर्ष 2013 की आपदा के बाद अस्तित्व के संकट से जूझ रहे कपकोट विकासखंड के दूरस्थ कुंवारी गांव में मंगलवार को आस्था, संस्कृति और नई उम्मीद का ऐतिहासिक संगम देखने को मिला। गांव में नवनिर्मित मन्दिरों में भगवती माता एवं…

रं समाज की पहल और एकजुटता स्वागत योग्य है

सवाल तो प्रशासन और सरकार से है कि जिस इलाके में इनर लाइन परमिट के बिना कोई भी नहीं जा सकता, वहां कोई गुजरात का ट्रस्ट, राजस्थान से ट्रक लेकर पहुंच कैसे गया ? ये ट्रस्ट किसका है, किसकी शह…

लोक भाषाओं के उन्नयन हेतु सम्मिलित प्रयास जरूरी

यह सर्वविदित है कि हमारा उत्तराखंड दो मंडलों, कुमाऊं और गढ़वाल से मिलकर बना है। कुमाऊं में बोली जाने वाली लोक भाषा कुमाउनी कहलाती है और गढ़वाल में बोली जाने वाली लोक भाषा गढ़वाली कही जाती है। इन दोनों लोक…