News Desk

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उत्तराखण्ड के पहाड़ों पर कृषि क्षेत्र का विस्तार ही पलायन को रोकने का विकल्प है

उत्तराखण्ड के गांवों में पलायन की समस्या गांवों के विस्तार को रो जाने के साथ ही शुरू हो गई थी, पहाड़ पर कौन सा गांव कब बसा था के दस्तावेज भले ही हमारे पास नहीं है लेकिन हमारे पास इस…

साहसिक और प्राकृतिक रुचि वाले पर्यटकों के लिये आपार सम्भावनाओं से अछा-गछा है बागेश्वर जिले का मल्ला दानपुर

मल्ला दानपुर हिमालय का निकटस्त का भू-भाग है। पशुपालन और कृषि यहाँ का मुख्य आर्थिक आधार है। हिमालयी रामदाना और उगल की दुर्लभ होती जा रही खेती यहाँ उपजाई जाती है। सांस्कृतिक अनुष्ठानों से भरपूर मल्ला दानपुर अपनी परम्पराओं को…

संरक्षित नहीं है कत्यूर का अद्भुत वैभव

आज के बागेश्वर जिले में भले ही कत्यूर पट्टी कुछ ग्राम पंचायतों की एक पट्टी है लेकिन सातवीं सताब्दि से पन्द्रहवीं सताब्दी तक कत्यूर पट्टी कत्यूरी राजाओं की राजधानी रही है। यही बजह है कि कुमाऊ के इतिहास की जानकारी…

साहसिक और धार्मिक पर्यटन का अनूठा संगम बागेश्वर

मनुष्य में उत्सुकता जन्मजात गुण है। इसी गुण के वशीभूत मनुष्य अपने चारों ओर के इतिहास, भूगोल, समाज, समाजान की संस्कृतियों को जानने समझने के लिये निकल पड़ता है। उत्तराखण्ड हजारों सालों से धार्मिक, साहसिक, प्राकृतिक पर्यटकों को आकर्षित करता…

“इंडियन मेडिसिन फार्मासिटीकल कॉरपोरेशन लिमिटेड का निजीकरण किया जाना उत्तराखंड के समाज के साथ खुला धोखा है”- नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या

उत्तराखंड राज्य की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने राहुल गांधी की 4 जून को अल्मोड़ा में प्रस्तावित रैली को सफल बनाने के उद्देश्य से बागेश्वर जनपद के गरुड़ विकासखंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात कर सभी कार्यकर्ताओं…

तिलाड़ी शहादत दिवस के मौके पर पौड़ी के वनाधिकारी द्वारा ग्रामीणों को जेल भिजवाने सम्बन्धी बयान के क्या मायने लगाए जाएं

ठीक उस समय पर जब हम जंगलात के आंदोलन से जुड़े तिलाड़ी के ऐतिहासिक आन्दोलन की शहादत को याद कर रहे हैं तब पौड़ी जनपद के वनाधिकारी द्वारा राजशाही अन्दाज में ग्रामीणों को जेल भेजने का बयान दे कर हमारे…

भारत सरकार ने उत्तराखण्ड में स्थापित इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को लुटाया कौड़ियों के भाव

1976 -77 में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए नरायन दत्त तिवारी ने अल्मोड़ा जनपद के मोहान क्षेत्र में पहाड़ के विकास के लिए इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड नाम से एक औद्योगिक रचना को जमीन पर उतरा था। उत्तराखंड…

दोहरे मापदंड और दोहरे चरित्र का कोई एक उदाहरण देखना हो तो वो है – भाजपा

पिछले कई दीनों से भाजपा के बड़े-बड़े नेता, मंत्री- मुख्यमंत्री प्रलाप मचाए हुए थे कि सड़क पर नमाज से लोगों को तकलीफ होती है। 2025 में हेट स्पीच में टॉप करने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनका प्रशासन तो…

पहाड़ के दर्द को बयां करते पुराने गढ़वाली गीत में जुड़े आज के संदर्भ, अंकिता हत्याकांड के इंसाफ की फिर उठी मांग (चारू तिवारी)

एक बहुत पुराना लोकप्रिय गढ़वाली गीत है, जो पहाड़ की महिलाओं के संकट-दर्द को प्रतिबिंबित करता रहा है। यह गीत शायद केशवानंद ध्यानी जी ने लिखा था, जिसे बहुत सारे लोगों ने अपनी-अपनी तरह से गाया था। इस गीत की…