Category राजनीति

फ़ासिस्टों की गुंडा वाहिनि-(इन्द्रेश मैखुरी)

गुंडों- लफंगों की फौज इस देश के हर हिस्से में खड़ी कर दी गयी है, जो धर्म या जाति के नाम पर हिंसा करना न केवल जायज समझती बल्कि इसे गर्व का काम समझती है ! पुलिस के बड़े- बड़े…

बागेश्वर नगर के चयनित किए गए धरना स्थल को सिरे से खारिज करते हुए नारा दिया गया कि “जहां जिलाधिकारी वहां धरना”।

बागेश्वर, चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संगठन के बैनर तले आज नगर के एक होटल में विभिन्न संगठनों से जुड़े जागरूक लोगों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बागेश्वर में धरना-प्रदर्शन के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित किए जा रहे…

धामी जी के शासन काल के दौरान उत्तराखंड की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर सांप्रदायिक और जातीय उन्माद की घटनाओं की वजह से ही अक्सर होती है -(इन्द्रेश मैखुरी)

हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण किये जाने की घटना निंदनीय है. यह निश्चित ही जातिवाद के अहंकार से उन्मत्त हो कर एक राष्ट्रीय नेता को जातीय आधार पर अपमानित करने…

नेहा बोरा होना एक बहुत लंबी वैचारिक प्रक्रिया से गुजरना है-(चारु तिवारी)

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के रांची जाने और वहां आंदोलनरत छात्रों को समर्थन देने से एक बड़े वर्ग में ऐसी पीड़ा हुई कि उसने उनकी चार पीढ़ियों को लाकर खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया में उत्तराखंड का एक…

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ में जन संगठनों और राजनीतिक दलों ने की नेहा के साथ दुर्व्यवहार की निन्दा

देहरादूनभारत छोड़ो आंदोलन की बरसी के मौके पर सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से एक सभा का आयोजन दीन दयाल उपाध्याय पार्क में किया गया। इस सभा में आजादी के इतिहास को याद किया गया। इसके साथ ही…

नेहा के संघर्ष के बहाने –

राजतंत्र मिश्रित साम्राज्यवाद को भारतीय व्यवस्था में ब्राह्मणवाद के रूप में देखा और समझा जाता है । ऐसा देखा और समझ जाना परिभाषित और तर्कसंगत भी है। ब्राह्मणवाद का अर्थ कहीं से कहीं तक ब्राह्मण जाति की व्यवस्था से नहीं…

कुछ हैं जो स्याही फेंकते हैं और फैंकी गई स्याही है कि खुद ब खुद इतिहास लिख देती है-(इन्द्रेश मैखुरी)

आई टी सेल के तनखैय्या, संघी बंधुगण कई दिन से रूदन- क्रंदन, चीत्कार- हाहाकार मचाए हुए थे कि नेहा झारखंड क्यों नहीं जा रही हैं, सिर्फ नॉन-बायोलॉजिकल 56 इंची महाप्रभु के खिलाफ ही क्यों वे जंतर-मंतर पर क्यों आंदोलन करती…

अब यह तो पुलिस ही बता सकती है कि विधायक गलत हैं या खुद पुलिस गलत है

कल उत्तराखंड के दो विधायकों को दो अलग-अलग विवादास्पद मामलों में अपने पक्ष प्रस्तुत करते हुए देखा. दोनों ही विधायक सत्ताधारी भाजपा के हैं- सल्ट के महेश जीना और कपकोट के सुरेश गड़िया. दोनों ही विधायकों का कहना था कि…