सृष्टि को न्याय मिले और उसे मौत के मुंह में धकेलने वालों को कठोर दंड
पढ़-लिख कर, एक अच्छी नौकरी हासिल करने के बाद भी लड़कियां/महिलाएं वाजिब सम्मान पा जाएं, उनके साथ अच्छा सलूक हो, यह जरूरी नहीं. शिक्षिका सृष्टि कंडारी के मामले को देख कर तो यही लगता है. सृष्टि पढ़ी- लिखी, प्रतिभाशाली युवती…






