News Desk

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धामी जी के शासन काल के दौरान उत्तराखंड की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर सांप्रदायिक और जातीय उन्माद की घटनाओं की वजह से ही अक्सर होती है -(इन्द्रेश मैखुरी)

हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण किये जाने की घटना निंदनीय है. यह निश्चित ही जातिवाद के अहंकार से उन्मत्त हो कर एक राष्ट्रीय नेता को जातीय आधार पर अपमानित करने…

स्वार्थ नहीं, सेवा को जीवन का आधार बनाएँ

स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आज़ादी का नाम नहीं है। सच्ची स्वतंत्रता तब है, जब हमारा मन भय से स्वतंत्र हो, हमारी बुद्धि अज्ञान से स्वतंत्र हो, हमारा हृदय घृणा से स्वतंत्र हो और हमारा जीवन अहंकार एवं स्वार्थ से स्वतंत्र हो।…

ऑब्जेक्शन, मीलॉर्ड!-(डा० प्रभात उप्रेती)

कभी मुख़ातिब होना अपने कर्मों परकि एक दिन में कितने झूठ बोले, कितने कपड़े बदलेकितने अगल-बगल, आगे-पीछे, ऊपर-नीचेशानदार कमांडो से घिरे होने की ललक मेंभीड़ को अभिवादन करतेइतने आत्ममुग्ध हुए कि आम आदमी को भूल गएकहां के वायदे, इकरारतुमने तो…

आजादी के दिन भी गिरफ्तारी हुई थी टिहरी में -(महिपाल नेगी)

इस बात पर आपको जरूर आश्चर्य होगा लेकिन यह सच है कि 15 अगस्त 1947 के दिन जब पूरा भारत आजादी का जश्न मना रहा था, उस दिन टिहरी गढ़वाल में आजादी के सेनानियों की गिरफ्तारियां हो रही थी। टिहरी…

एक अदद लिस्ट भी न भेजी गयी तो पुलिस मुख्यालय करता क्या है- (इन्द्रेश मैखुरी)

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ किसी से मिलते जुलते नहीं हैं ! सार्वजनिक तौर पर उनका देखा जाना ईद के चांद से भी ज्यादा दुर्लभ क्षण होता है ! कानून व्यवस्था आए दिन रसातल को जा रही है. पुलिस…

नेहा बोरा होना एक बहुत लंबी वैचारिक प्रक्रिया से गुजरना है-(चारु तिवारी)

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के रांची जाने और वहां आंदोलनरत छात्रों को समर्थन देने से एक बड़े वर्ग में ऐसी पीड़ा हुई कि उसने उनकी चार पीढ़ियों को लाकर खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया में उत्तराखंड का एक…

हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की जयंती (14 अगस्त, 1919) पर विशेष-(चारु तिवारी)

मैं तब बहुत छोटा था। नौंवी कक्षा में पढ़ता था। यह 1979-80 की बात है। बाबू (पिताजी) ने बताया कि दुनिया के एक बहुत बड़े वैज्ञानिक आज बग्वालीपोखर में आ रहे हैं। बग्वालीपोखर में उन दिनों सड़क तो नहीं आर्इ…

ओ डेस्कोब्रिमेंटो दि तिब्बत (वरिष्ठ पत्रकार पूरन बिष्ट की कलम से) 402 साल पहले बदरीनाथ मार्ग पर बर्फ के पुल

एंटोनियो डी एंड्रेड, पुर्तगाली जेसुइट पादरी थे। वे हिमालय पार कर तिब्बत पहुंचने वाले पहले ज्ञात यूरोपीय थे। उन्होंने पश्चिमी तिब्बत के छपरांग में कैथोलिक मिशन स्थापित किया था। सन् 1624 में श्रीनगर, बदरीनाथ होकर माणा दर्रे से उन्होंने तिब्बत…

बच्ची पर दबाव बना कर वीडियो डलवाना एक डरी हुई हुकूमत के लक्षण हैं !-(इन्द्रेश मैखुरी)

परसों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने एक छात्र- युवा संवाद किया. अखबारों ने इस छात्र- युवा संवाद की सबसे बड़ी विशेषता बताई कि मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में पैंट-शर्ट पहन कर आए थे ! कार्यक्रम में छात्र- युवाओं की उपस्थिति और उसके…

विभिन्न सामाजिक- राजनीतिक संगठनों ने केतन हत्याकांड के मामले में पुलिस जांच की भ्रामक दिशा को दुरुस्त किये जाने को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनंद वर्द्धन से मुलाकात की

7-8 जून 2026 की रात को टिहरी जिले के प्रतापनगर ब्लॉक के लंबगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत देवल गांव के निवासी नाबालिग युवक केतन लाल की बर्बर पिटाई की गयी, जिससे उसकी अगली सुबह मृत्यु हो गयी. उसके साथी दिवाकर…