News Desk

News Desk

सितंबर 1994 का खटीमा गोलीकांड उत्तराखंड में नफरती राजनीति के मुंह पर तमाचा है -(इन्द्रेश मैखुरी)

1 सितंबर 1994 को उत्तराखंड के इतिहास में वो तारीख है, जिससे अलग राज्य की मांग के लिए चल रहे आंदोलन में दमन कांडों का नया सिलसिला शुरू हुआ. इस तारीख से पहले रज्य आंदोलन में दमन का स्तर गोली…

नेपाल आपदा:सुरंगों में हफ्ते भर से फंसे हैं 813 इंजीनियर, तकनीशियन और मजदूर

पिछले बुधवार को हिमालयी सुनामी का शिकार हुए नेपाल में मारे गए और लापता लोगों की संख्या 5125 पहुंुच गई है। बचाव कर्मचारियों ने 10451 लोगों की जान बचाने में सफलता पायी है। मारे गए और लापता लोगों की संख्या,…

शर्म आए तो खुद पर करोश्री काशी सिंह ऐरी जी जैसे अनुभवी आंदोलनकारी पर सवाल उठाने से पहले उत्तराखंड का राजनीतिक इतिहास पढ़ो-(किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय)

(उत्तराखंड क्रांति दल के अंदर जो कुछ भी चल रहा है वह उनका निजी मामला है लेकिन जो भी उत्तराखंड क्रांति दल के अंदर चल रहा है उस चल रहे में यदि किसी ऐसे नेता पर भी आरोप लगते हो…

बिपिन दा, आप बहुत जल्दी चले गए आज हमेंआपकी सबसे ज्यादा जरूरत थी -काशी सिंह ऐरी

डी.डी. पंत जी मेरे गुरु थे, जिन्होंने मुझे दिशा दी और अपना आशीर्वाद दिया। इन्द्रमणि बडोनी जी मेरे राजनीतिक गुरु रहे, जिनके साथ रहकर मैंने संघर्ष करना सीखा और उन्होंने जीवन भर मुझे खूब स्नेह दिया। बिपिन त्रिपाठी जी मेरे…

क्या यह जेन जी के खिलाफ हिंसा का आह्वान है ?-(-इन्द्रेश मैखुरी)

प्रसिद्ध वेब सीरीज ” मिर्जापुर ” का एक यह अंश तो आपने देखा ही होगा, जिसमें बाहुबली कालीन भैया का गुंडा बेटा- मुन्ना भैया अपने खिलाफ छात्र संघ चुनाव में खड़े होने वाले एक छात्र को क्लास में घुस कर…

विदेशों में आरएसएस की भारी फजीहत, अमेरिका में भागवत का वीजा रद्द करने की मांग तेज-(चन्द्र शेखर तिवारी)

वाशिंगटन। धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी कांग्रेस की सलाहकार समिति ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को जारी वीजा रद्द करने की मांग की है। भागवत तीन देशों की यात्रा के तहत न्यूयॉर्क में हैं।…

सड़क का एक हिस्सा 1976-77 में काटा जा चुका है और शेष हिस्सा पचास साल बाद भी सड़क विहीन है

मोहनखाल- किणजाणी- चोपता – तुंगनाथ मोटर मार्ग के निर्माण की मांग के लिए चल रहे धरने के 12 वें दिन आंदोलन का समर्थन किया. इस मोटर मार्ग के लिए दो वर्ष पूर्व भी आंदोलन हुआ था. उस समय केदारनाथ विधानसभा…

बागेश्वर नगर के चयनित किए गए धरना स्थल को सिरे से खारिज करते हुए नारा दिया गया कि “जहां जिलाधिकारी वहां धरना”।

बागेश्वर, चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संगठन के बैनर तले आज नगर के एक होटल में विभिन्न संगठनों से जुड़े जागरूक लोगों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बागेश्वर में धरना-प्रदर्शन के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित किए जा रहे…

गिर्दा को याद करने का आपके लिए क्या मतलब है?-(नवीन जोशी की पोस्ट)

गिर्दा को याद करते हो, खूब याद करते हो। 22 अगस्त को तो अवश्य ही याद करते हो। बहुत अच्छी बात है। लेकिन गिर्दा को इतना याद क्यों करते हो? क्या उस गिर्दा को याद करते हो, जो हाड़-मांस का…

पीरियड्स को लेकर बनी दकियानूसी परम्पराओं ने एक लड़की की जान ले ली!- (शिवानी पाण्डेय की पोस्ट)

इस दौर में जब दुनिया के एक कोने से महिलाओं के चाँद पर पहुँचने की खबरें आ रही है, जब विज्ञान और तकनीक की ऊँचाइयाँ महिलाओं के नाम दर्ज हो रही हैं, तब इसी धरती के एक छोटे से गाँव…