News Desk

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जातीय विद्वेष घृणा नफरत का उत्तराखंड में न तो केतन एक अकेला पीड़ित है और जैसा समाज हम बन गए हैं तो न अन्तिम है ..(इन्द्रेश मैखुरी)

केतन की हत्या को लेकर कोई सन्देह की गुंजाईश ही नहीं थी पहले दिन से ही कि यह जातीय विद्वेष से उत्पन्न घृणा क्रोध हिंसा का परिणाम है । जातीय कोण (ऐंगल) न होने पर इसी तरह के प्रसंग और…

आदमी की चेतना का मनोविज्ञान, वर्तमान विश्व राजनीति, उत्तराखण्ड में घट रही घटनाएँ और मनोविज्ञान- (डॉ 0 प्रभात उप्रेती)

मनोविज्ञान ने यह प्रश्न उठाया कि आखिर आदमी है क्या? तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रसार ने आदमी की हैसियत को मझधार में डाल दिया है। उसके होने के अर्थ ही बदल गए हैं। वह मानो अपने ही अस्तित्व…

कर्णप्रयाग में जो हुआ वह रोड रेज की घटना थी पुलिस की जांच और अदालत का फैसला तय करेगा कि कौन दोषी था और कौन पीड़ित -(इन्द्रेश मैखुरी)

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों में घटित घटनाओं को ऐसा मोड़ दिया जा रहा है, जिससे ये लग रहा है कि मानो ये उत्तराखंड और पंजाब के बीच में कोई संघर्ष चल रहा हो या सिखों और पहाड़ी लोगों के…

इमरजेंसी तो देश की अखंडता और एकता के हित में संवैधानिक मर्यादाओं की सीमा में थी -( विक्रम रमोला )

अभी जो लोग आपातकाल को एनसीईआरटी की किताब में एक जरूरी अध्याय के रूप में समायोजित करने का शोर शराबा कर रहे हैं ने शायद NCERT के कक्षा 12 की किताब ही नहीँ देखी, पढ़ना तो दूर की बात है……

साम्प्रदायिक घृणा फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल जिलाधिकारी और एस एस पी से मिले–(कमला पन्त)

साम्प्रदायिक घृणा फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने देहरादून में कानून और शांति व्यवस्था के जिम्मेवार देहरादून के जिलाधिकारी और एस एस पी से मुलाकात की I ।…

तुम्हारा हुक्म था कि घर उजाड़ दिए जाएं, अब यह भी बता दीजिए ये बेघर जाएं तो जाएं कहां!

तुम्हारा हुक्म था कि घर उजाड़ दिए जाएं, मगर यह तो बताते कि ये बेघर बच्चे आखिर कहां जाएं? उत्तर प्रदेश की देखा देखी अब राजस्थान में भी घर उजाड़ने का चलन शुरू हो चुका है। बाड़मेर से सामने आई…

मत जाना अल्मोड़ा, कुमाऊँ (डॉ. प्रभात उप्रेती)

किसी ने मुझसे कहा, अल्मोड़ा चलो। पर भीमताल-हल्द्वानी रोड की दुर्दशा यात्रियों से जानकर हिम्मत बोल गई। वही जाम, बाबा के कैंची धाम का—छह-छह घंटे का। भूस्खलन हिमालय में एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। नदी किनारे रोड बनाओगे तो सैंड स्टोन…

“आओ हम सब योग करें अभियान” का भव्य समापन, योग दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के योग विज्ञान विभाग द्वारा विगत 21 मई से 21 जून तक संचालित “आओ हम सब योग करें अभियान” के समापन अवसर पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सोबन सिंह जीना परिसर के…

“तिलचट्टा” – भारत जैसे लोकतंत्र का दावा करने वाले इस देश में पेपर लीक होना क्या दर्शाता है! हम इस संसार को कौन-सा गुरुत्व दे रहे हैं। (डॉ. प्रभात उप्रेती)

आज सारी दुनिया में तानाशाह मानसिकताओं वाले राजनेताओं ने लोकतंत्र का नाम लेकर सारे विश्व में युद्ध का तांडव छेड़ा है, जिसमें हजारों बच्चे, बूढ़े, नौजवान मारे जा रहे हैं। वहीं, हमारे देश की राजनीति में ‘कॉकरोच’ चर्चा में है।…

शिविरों की राजनीति या राजनीति के शिविर

भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तराखंड में दसवां साल पूरा करने जा रही है। इन 10 सालों में भारतीय जनता पार्टी के पास खुद इतना नैतिक साहस नहीं है कि वह खुली बहस जनता के बीच करवा सके कि उसने…