जो दिल्ली पुलिस कुछ दिन पहले तक प्रदर्शन करने वालों को पीट रही थी, घसीट रही थी, पीस बॉन्ड यानि प्रदर्शन न करने का मुचलका भरवा रही थी, वही दिल्ली पुलिस आज पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही थी.
गज़ब चाणक्य गिरी है, भैया शाह जी की- पुलिस तक आंदोलन में उतर चुकी है !
इससे ज्यादा अमृत काल और क्या चाहिए- 12 साल से सत्ता में बैठी पार्टी – लोकतंत्र बचाओ – का जुलूस निकाल रही है और उसकी पुलिस धरना प्रदर्शन कर रही है !
इससे पहले आपने ये दृश्य कब देखा था कि खुलेआम पुलिस के एसीपी और इंस्पेक्टर रैंक के अफसर, आम प्रदर्शनकारियों की तरह पुलिस वालों के जमावड़े के सामने भाषण दे रहे हैं ! और यह नज़ारा देश की राजधानी दिल्ली में चल रहा है, पिछले कई घंटों से चल रहा है !
यह नज़ारा देखने लिए आपको 2014 की आज़ादी का इंतजार करना पड़ा !
वैसे अभी हाल ही में तो दिल्ली पुलिस वालों के आका गिरह मंत्री जी ( पूरे मुल्क में जितनी गिरह उनकी राजनीति ने पैदा की है तो गृह की अपेक्षा गिरह मंत्री ही मुफीद लगता है) ने दिल्ली में प्रदर्शन करने की जगहें नियत की थी, उन जगहों में दिल्ली पुलिस मुख्यालय भी था क्या ? या पुलिस होने के नाते स्वयंभू, स्वघोषित चाणक्य- शाह जी ने इनको स्टाफ वाली छूट प्रदान की है ? बस, ठेले, होटल, सब जगह तो पुलिस का स्टाफ चलता ही है तो यहां क्यों नहीं चलेगा, ये तो इनका अपना मुख्यालय है !
नरेंद्र मोदी और अमित शाह, देश को इस मोड़ पर ले आए हैं कि पुलिस को भी कानूनी तरीके से न्याय की उम्मीद नहीं है, उन्हें भी विपक्ष की तरह, ज़ेन जी की तरह धरना प्रदर्शन में ही उम्मीद दिख रही है !
कल ही तो दिल्ली में प्रदर्शनकारी नारा लगा रहे थे-
वोट चोरों को जाना होगा
वरना रोज धरना होगाआज दिल्ली पुलिस ने यह नारा साकार कर दिया !




