सांसद निधि के 135.95 करोड़ में सिर्फ 24.12 करोड़ खर्च ,उत्तराखंड के मौजूदा सांसदों को विकास कार्यों के लिए मिली सांसद निधि के इस्तेमाल की रफ्तार सवाल खड़े कर रही है। जून 2026 तक राज्य के आठ सांसदों को कुल 135.95 करोड़ रुपये की सांसद निधि आवंटित हुई, लेकिन इसमें से सिर्फ 24.12 करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। यानी आवंटित राशि का करीब 18 प्रतिशत हिस्सा ही विकास कार्यों पर खर्च हुआ है।
यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट की ओर से मांगी गई सूचना के जवाब में सामने आई है।
उत्तराखंड के पांच लोकसभा सांसदों को वर्तमान कार्यकाल में कुल 73.50 करोड़ रुपये की सांसद निधि मिली। इसमें जून तक पूर्ण हो चुके कार्यों पर 5.769 करोड़ और निर्माणाधीन कार्यों पर करीब 1.90 करोड़ रुपये खर्च दर्ज है।
लोकसभा सांसद प्रस्तावित कार्य स्वीकृत खर्च प्रतिशत:–
माला राज्य लक्ष्मी शाह 184 167 ₹4.08 करोड़ 28%
अजय भट्ट 327 260 ₹1.79 करोड़ 12%
त्रिवेंद्र सिंह रावत 137 31 ₹1.499 करोड़ 10%
अजय टम्टा 59 35 ₹0.17 करोड़ करीब 1%
अनिल बलूनी 9 3 ₹0 0%
लोकसभा सांसदों में माला राज्य लक्ष्मी शाह की निधि से सबसे अधिक राशि खर्च हुई है। उनकी निधि से जून 2026 तक 4.08 करोड़ रुपये खर्च दर्ज हैं। वहीं गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की निधि से खर्च शून्य दर्ज किया गया है।
राज्यसभा सांसदों की निधि से 26 प्रतिशत खर्च:–
तीन राज्यसभा सांसदों को कुल 62.45 करोड़ रुपये की सांसद निधि आवंटित हुई। इनमें पूर्ण कार्यों पर 7.04 करोड़ और चल रहे कार्यों पर 9.41 करोड़ रुपये खर्च दर्ज हैं। इस तरह राज्यसभा सांसदों की निधि से करीब 26 प्रतिशत राशि खर्च हुई।
राज्यसभा सांसद प्रस्तावित कार्य स्वीकृत खर्च खर्च प्रतिशत:–
नरेश बंसल 280 231 ₹10.96 करोड़ 40%
कल्पना सैनी 140 106 ₹4.356 करोड़ 22%
महेंद्र भट्ट 87 71 ₹1.139 करोड़ 8%
राज्यसभा सांसदों में नरेश बंसल की निधि से सबसे ज्यादा 10.96 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
कुल मिलाकर जून 2026 तक उत्तराखंड के आठ सांसदों को मिली 135.95 करोड़ रुपये की निधि में से 24.12 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
ऐसे में सांसद निधि के उपयोग की धीमी गति के साथ-साथ प्रस्तावों की मंजूरी और स्वीकृत कार्यों की शुरुआत में देरी भी रिकॉर्ड में साफ दिखाई देती।




