वाशिंगटन। धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी कांग्रेस की सलाहकार समिति ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को जारी वीजा रद्द करने की मांग की है। भागवत तीन देशों की यात्रा के तहत न्यूयॉर्क में हैं।
न्यूयॉर्क में भागवत 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के इन्फोसिस थिएटर में यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन (सर्व-एकत्व समारोह) को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को अलग-अलग धर्मों के लोगों के मिलन के तौर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आरएसएस प्रमुख विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के लोगों से बातचीत करेंगे।
अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने एक बयान में कहा, अमेरिका में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के दौरे को लेकर संगठन बेहद चिंतित है। आरएसएस से जुड़े संगठनों के सदस्यों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक हमले किए हैं। आयोग ने अमेरिकी सरकार से धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में शामिल लोगों के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने को कहा है।
अमेरिका स्थित हिंदू-अमेरिकी समुदाय के एक संगठन ने न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से टकराव से बचने की अपील की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि शनिवार को होने वाले कार्यक्रम को बाधित करने और इसे रद्द कराने की कोशिशें की जा सकती हैं।
इस हंगामे के बीच आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा की न्यूयॉर्क में यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और आस्थाओं वाले लोगों के बीच एक ऐसी सभा का उदाहरण है, जिसमें संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत लोगों से संवाद करेंगे।
चन्द्र शेखर तिवारी की वाल से





