मोहनखाल- किणजाणी- चोपता – तुंगनाथ मोटर मार्ग के निर्माण की मांग के लिए चल रहे धरने के 12 वें दिन आंदोलन का समर्थन किया.
इस मोटर मार्ग के लिए दो वर्ष पूर्व भी आंदोलन हुआ था. उस समय केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की और सड़क निर्माण की घोषणा की. लेकिन दो साल बाद मुख्यमंत्री की घोषणा का शासनादेश निकालने के नाम पार ग्रामीणों को छला जा रहा है. मुख्यमंत्री के पांच साल बेमिसाल की असलियत की मिसाल है, यह आंदोलन.
जिस स्थान पर यह आंदोलन हो रहा है, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट का घर व होम स्टे उस स्थान से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर है. लेकिन उसके बावजूद इन आंदोलनकारियों को दो साल से आज- कल करके इनके साथ टालमटोल की जा रही है. यह विडंबना है कि इस सड़क का एक हिस्सा 1976-77 में काटा जा चुका है और शेष हिस्सा पचास साल बाद भी सड़क विहीन है.






