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विदेशों में आरएसएस की भारी फजीहत, अमेरिका में भागवत का वीजा रद्द करने की मांग तेज-(चन्द्र शेखर तिवारी)

वाशिंगटन। धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी कांग्रेस की सलाहकार समिति ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को जारी वीजा रद्द करने की मांग की है। भागवत तीन देशों की यात्रा के तहत न्यूयॉर्क में हैं।…

सड़क का एक हिस्सा 1976-77 में काटा जा चुका है और शेष हिस्सा पचास साल बाद भी सड़क विहीन है

मोहनखाल- किणजाणी- चोपता – तुंगनाथ मोटर मार्ग के निर्माण की मांग के लिए चल रहे धरने के 12 वें दिन आंदोलन का समर्थन किया. इस मोटर मार्ग के लिए दो वर्ष पूर्व भी आंदोलन हुआ था. उस समय केदारनाथ विधानसभा…

यह कैसी धार्मिक मान्यता!-(रश्मि सती नैनवाल की वाट्सऐप वाल से साभार)

जनपद चमोली में 15 अगस्त शाम 5:30 बजे 20किलोमीटर दूर नन्दाकिनी (अलकनंदा) नदी के किनारे से लापता युवती सुमित्रा का आज शव मिल गया है। ये सिर्फ एक आम घटना नहीं बल्कि में एक ऐसी प्रथा से जुड़ी घटना भी…

एंटोनियो डी एंड्रेड, पुर्तगाली जेसुइट पादरी हिमालय पार कर तिब्बत पहुंचने वाले पहले ज्ञात यूरोपीय-(पूरन बिष्ट)

पूर्व पोस्ट से जारी- एंटोनियो डी एंड्रेड, पुर्तगाली जेसुइट पादरी थे। वे हिमालय पार कर तिब्बत पहुंचने वाले पहले ज्ञात यूरोपीय थे। उन्होंने पश्चिमी तिब्बत के छपरांग में कैथोलिक मिशन स्थापित किया था। सन् 1624 में श्रीनगर, बदरीनाथ होकर माणा…

अंकिता भंडारी को न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा-(इन्द्रेश मैखुरी)

भाजपा ने अपनी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम की 17 अगस्त को घोषणा कर दी. केंद्रीय महामंत्री और उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी रहे दुष्यंत कुमार गौतम का नाम इस सूची में शामिल नहीं है. भाजपा किसे पदाधिकारी बनाए, किसे नहीं, यह…

देघाट गोलीकांड की बरसी (19 अगस्त, 1942) पर विशेषभारत छोड़ो आंदोलन का एक अविस्मरणीय पड़ाव-(चारु तिवारी)

भारत छोड़ो आंदोलन में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। देघाट, सालम और सल्ट की क्रान्तियों ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई गति प्रदान की। पहाड़ में 1910 के बाद अंग्रेजी हुकूमत द्वारा जनविरोधी कानूनों को जबरन थोपने के खिलाफ स्थानीय स्तर…

ऑब्जेक्शन, मीलॉर्ड!-(डा० प्रभात उप्रेती)

कभी मुख़ातिब होना अपने कर्मों परकि एक दिन में कितने झूठ बोले, कितने कपड़े बदलेकितने अगल-बगल, आगे-पीछे, ऊपर-नीचेशानदार कमांडो से घिरे होने की ललक मेंभीड़ को अभिवादन करतेइतने आत्ममुग्ध हुए कि आम आदमी को भूल गएकहां के वायदे, इकरारतुमने तो…

सृष्टि को न्याय मिले और उसे मौत के मुंह में धकेलने वालों को कठोर दंड

पढ़-लिख कर, एक अच्छी नौकरी हासिल करने के बाद भी लड़कियां/महिलाएं वाजिब सम्मान पा जाएं, उनके साथ अच्छा सलूक हो, यह जरूरी नहीं. शिक्षिका सृष्टि कंडारी के मामले को देख कर तो यही लगता है. सृष्टि पढ़ी- लिखी, प्रतिभाशाली युवती…