
आदमी की चेतना का मनोविज्ञान, वर्तमान विश्व राजनीति, उत्तराखण्ड में घट रही घटनाएँ और मनोविज्ञान- (डॉ 0 प्रभात उप्रेती)
मनोविज्ञान ने यह प्रश्न उठाया कि आखिर आदमी है क्या? तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रसार ने आदमी की हैसियत को मझधार में डाल दिया है। उसके होने के अर्थ ही बदल गए हैं। वह मानो अपने ही अस्तित्व…




