बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी के मामले में बद्रीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया है. प्रारम्भिक परीक्षण में आरोपों की पुष्टि हुई है.
प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 306 (कर्मचारी द्वारा चोरी) और, 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है.
इस मामले में कुछ सवाल हैं :
अगर प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी के अध्यक्ष के वैयक्तिक सहायक थे तो उन्हें तो हर घड़ी अध्यक्ष के साथ होना चाहिए था. फिर वे अध्यक्ष से अलग बद्रीनाथ में क्या कर रहे थे ? क्या उन्हें बद्रीनाथ में ही पदास्थापित किया गया था ? अगर ऐसा है तो मंदिर समिति के अध्यक्ष के कितने वैयक्तिक सहायक हैं और वे कहां- कहां पदास्थापित हैं ? जो करने का प्रमोद नौटियाल पर आरोप है, वे ऐसा खुद के लिए कर रहे थे या उसमें भी वे वैयक्तिक सहायक की ही भूमिका अदा कर रहे थे ?
दूसरा प्रश्न यह है कि प्रमोद नौटियाल कौन हैं ? उनकी पृष्ठभूमि क्या है ? उनकी मंदिर समिति में नियुक्ति कब और किस प्रक्रिया से हुई ? क्या वे मंदिर समिति के किसी पूर्व अध्यक्ष और / या भाजपा नेता के रिश्तेदार या परिजन हैं ?
बाकी मंदिर समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति के समय ही उनके अतीत पर बहुत सारे सवाल उठाए गए थे. वे सवाल तो पुनः खड़े होंगे ही.

