#अंकिता भंडारी हत्याकांड के संदिग्ध वीआईपी को सिक्किम का राज्यपाल बनाया जाना न्याय के साथ धोखा है:अधिवक्ता मंच
*#अधिवक्ता मंच ने अंकित भंडारी को न्याय देने के लिए दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के निर्णय वापस लेने की अपील
अधिवक्ता मंच इलाहाबाद की ओर से अंकिता भंडारी की हत्या के संदिग्ध वीआईपी दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजा।
अधिवक्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की कि संदिग्ध वीआईपी दुष्यंत कुमार गौतम का सीबीआई जांच लंबित रहने के दौरान राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना न केवल उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के साथ अन्याय है बल्कि इस देश की महिलाओं के प्रति घोर संवेदनहीन फैसला है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में संदिग्ध दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया जाना निष्पक्षता, सार्वजनिक जवाबदेही, और संवैधानिक पदों की प्रतिष्ठा को भी कमतर करनेवाला है। राज्यपाल का पद भारतीय संविधान की गरिमा निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।
देशभर के नागरिकों के विरोध के बाद उत्तराखंड सरकार के द्वारा अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच कराने का फैसला लेना पड़ा था किंतु सीबीआई जांच लंबित रहने के दौरान संदिग्ध दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त करना पूरी जांच को अपारदर्शी संदिग्ध और धोखा देने वाला बनाता है तथा ऐसा लगता है कि राज्यपाल के पद पर उनकी नियुक्ति सीबीआई जांच से उनको बचाने के लिए ही की जा रही है।
अतः अधिवक्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि दुष्यंत कुमार गौतम के सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बीच निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इसे रद्द किया जाए और अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी की निष्पक्ष, समयबद्ध, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए साथ ही साथ संवैधानिक पद पर नियुक्ति के संबंध में सार्वजनिक विश्वास में स्वच्छता और संस्थागत गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा महिलाओं के प्रति अपराध करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को ऐसे पदों से दूर रखने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय देने की उनके माता-पिता की मांग का पूरी तरह से समर्थन करते हुए कहा कि अंकित भंडारी के माता-पिता के द्वारा न्याय की मांग करते हुए दिल्ली पर धरना देने पर उनको जबरन उठाया जाना लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। अधिवक्ताओं ने उनके साथ सहानुभूतिपूर्वक वार्ताव करने और उनकी मांगों को स्वीकार करने की अपील भी की है।
इस दौरान हुई सभा को अधिवक्ता हृदय लाल मौर्य, नितेश कुमार, कुमारी प्रिया, मिस. लुबना, ह्रदयेश यादव, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस कपिल देव यादव, प्रशांत, नंद लाल गुप्त, घनश्याम मौर्य आदि ने संबोधित किया। सभा का संचालन मंच के सह संयोजक मो0सईद सिद्दीक़ी ने किया। इस दौरान प्रबल प्रताप, चार्ली प्रकाश, वरिष्ठ अधिवक्ता के0के0राय, यशवंत, प्रमोद कुमार गुप्त, वहाज अहमद सिद्दीकी, परवेज, शादाब, पुष्पराज, मंच के संयोजक राजवेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
द्वारा: चार्ली प्रकाश एडवोकेट, अधिवक्ता मंच, इलाहाबाद।







