जब राहुल गांधी संसद में चुनाव आयोग की करतूत को सार्वजनिक कर रहे थे तब ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी, स्टालिन, अरविंद केजरीवाल और वामपंथी दालों के नेता राहुल गांधी के साथ खड़े होने की जगह राहुल गांधी पर आरोप मढ़ते दिखाई दे रहे थे।
राहुल गांधी ने कहा मोदी वोट चोर है, राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार का स्तेमाल लोकतंत्र की हत्या के लिए पेशेवर हत्यारे के रूप में करवाया जा रहा है , राहुल गांधी ने कहा देश को बचाने के लिए विपक्ष को संगठित होना चाहिए। विपक्ष के साथी संगठनों ने राहुल गांधी की बात को तबज्जो देना भी जरूरी नहीं समझा। परिणाम सबको पता है दिल्ली में जबरदस्त हार हुई आम आदमी पार्टी हाशिए में चली गई, बंगाल में बुरी तरीके से हार हुई ममता बनर्जी हाशिए में चली गई, बिहार में तेजस कहीं के नहीं रहे। इन सभी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार बना ली। थोड़ा पीछे चलें तो महाराष्ट्र के चुनाव इसी तर्ज पर जीते और हाराए गए।
राहुल गांधी पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से मुखरित हुए लेकिन गोदी और दरबारी मीडिया देश के खिलाफ गद्दारी करता रहा। राहुल गांधी ने अपना अभियान नहीं रोका। हाल में ही राहुल गांधी ने अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए फिर कहा की राज्य सरकारों की ही चोरी हो रही है , राहुल गांधी ने प्रमाण भी दिए पर सहयोगी राजनीतिक दलों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
राहुल गांधी रुके नहीं पढ़ने लिखने वाले नौजवानों के बीच पहुंचकर उन्हें देश के हालातो से रूबरू करवा रहे हैं। संविधान को बचाने की बात कर रहे हैं । लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रहे हैं । वे जानते हैं कि भारत में लोकतंत्र और लोकतंत्र के संविधान को सिर्फ और सिर्फ नौजवान ही बचा सकते हैं। वह इस बात से भी चिंतित हैं कि शिक्षित पढ़े-लिखे नौजवानों से कहीं अधिक संख्या कांवड़िया टाइप के नौजवानों की हो चुकी है जिनका उपयोग कारपोरेट के लिए समर्पित धूर्त सत्ता किसी भी हद तक जाकर देश के खिलाफ कर सकती है।
इधर इंडियन एक्सप्रेस की चार खबरों ने राहुल गांधी के कहे पर मोहर लगा कर देश को बताया है कि वास्तव में लोकतंत्र की हत्या हो रही है , सरकारों की चोरी हो रही है ।
सिर्फ एक अखबार इंडियन एक्सप्रेस राहुल गांधी के साथ खड़ा हुआ तो देखते-देखते केंद्रीय सत्ता बौखला गई है, तिलमिला गई है। आरएसएस और भाजपा बौखलाहट और तिलमिलाहट की स्थिति में कोई लोक विरोधी भी कदम उठा सकती है, यह चिंता बीते रोज से राहुल गांधी में साफ दिखाई देने लगी है। राहुल की इस चिंता के साथ देश के हर शिक्षित और शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को खड़ा होना ही चाहिए। यदि आज राहुल का साथ नहीं दिया तो निश्चित जानो इस देश पर 100 – 200 साल के लिए लोक को गुलाम बना कर रखने वाले कॉर्पोरेट का शासन स्थापित हो जाएगा







