साम्प्रदायिक घृणा फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल जिलाधिकारी और एस एस पी से मिले–(कमला पन्त)

साम्प्रदायिक घृणा फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने देहरादून में कानून और शांति व्यवस्था के जिम्मेवार देहरादून के जिलाधिकारी और एस एस पी से मुलाकात की I

। संगठन प्रतिनिधियों के द्वारा दोनों अधिकारियों को बताया गया कि देहरादून जिले में 6 या 7 लोग ऐसे हैं, जो लगातार घृणा फैला रहे हैं। उन पर कार्रवाई नहीं की गई तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा।

डीएम आशीष चौहान का कहना था कि उन्हें पहली बार देहरादून में नियुक्ति मिली है, यहां के इस तरह के तत्वों के बारे में वे जानकारी लेंगे और पुलिस से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। एसएसपी प्रमेन्द्र डोवाल ने कहा कि इनमें से एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज है और जांच की जा रही है, बाकी लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह के लोग कोटद्वार से लेकर बैरागीवाला तक वीडियो फुटेज में साफ तौर पर नफरत बयानबाजी करते देखे गये हैं, लेकिन उनके खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने केे बजाय अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाता है।

डीएम और एसएसपी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में बैरागीवाला में विनोद कुमार के सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही उनके द्वारा इस बात पर अफसोस जताया गया कि इस घटना के बाद बैरागीवाला में कुछ साम्प्रदायिक तत्वों ने नफरत फैलाने की कोशिश की। यहां तक कि पुलिस पर भी पथराव किया गया। इस घटना की आड़ में घृणा भरे वक्तव्य दिये गये और नफरती भाषा इस्तेमाल की गई। कहा गया कि ललित शर्मा नाम के व्यक्ति ने तो सारी सीमाएं लांघ हुए यहां तक कह दिया कि मुस्लिम महिलाओं के पेट में जो बच्चे हैं, उन्हें भी निकाल कर मारने का प्रयास करेंगे. इसके अलावा मस्जिदों पर खुद ही बुलडोजर चलाने जैसी बातें भी उक्त व्यक्ति ने कही। यह भाषा अत्यंत आपत्तिजनक है और इनके इरादे बेहद आपराधिक हैं।

ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को भी याद दिलाया गया था, जिसमें कोर्ट ने उत्तराखंड के मामले में ही टिप्पणी करते हुए कहा था कि हेट स्पीच के मामले में पुलिस को शिकायत का इंतजार नहीं करना चाहिए और स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। लेकिन हाल फिलहाल की घटनाएं बताती हैं कि नफरतियों के चेहरे साफ होते हुए भी अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रतिनिधि मंडल में उत्तराखंड महिला मंच के कमला पंत, निर्मला बिष्ट, विमला कोली मंजू बलौदी, उत्तराखंड इंसानियत मंच के हरिओम पाली, त्रिलोचन भट्ट, भारत ज्ञान-विज्ञान समिति के कमलेश खंतवाल, सीपीआई माले के इंद्रेश मैखुरी, सीपीएम के राजेन्द्र पुरोहित, कांग्रेस की सुजाता , जन प्रहार से पंकज क्षेत्री व सुजाता पॉल , चेतना आंदोलन के राजेन्द्र शाह के साथ ही तलाफत हुसैन (उक्रांद), मनीष, अलमाशुद्दीन सिद्किी आदि कई जनपक्षधर जागरूक लोग मौजूद थे।

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