देशभर के नौजवानों का आज दिल्ली जंतर मंतर पर सरकार की असफलताओं के खिलाफ और सरकार द्वारा देश में स्थापित लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अतिक्रमण कर लिए जाने के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला।
बहुत अधिक गर्मी के बीच भी हजारों हजार नौजवान अगर दिल्ली के जंतर मंतर में पहुंचे हैं तो यह भीड़ मोदी सरकार के लिए इसलिए चैंकाने वाली है कि जब से नौजवानों ने घोषणा की कि वह दिल्ली के जंतर मंतर पर जाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे तब से केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकारों के अलावा तमाम तमाम हिंदूवादी संगठन इस प्रदर्शन को असफल करने के लिए हर संभव कूट रचना में जुट गए थे ।
आज जब नौजवान दिल्ली पहुंचे तब जंतर मंतर के बाहर कुछ लोग अलग-अलग झुंडों में कॉकरोच संगठन के विरोध में भी खड़े किए गए थे । विरोध के लिए पहुंचे लोग भले ही ना के बराबर थे लेकिन उनको घेरे हुए मीडिया के लोगों की संख्या बहुत अधिक थी।
कॉकरोच संगठन के खिलाफ जंतर मंतर पर भेजे गए हिंदूवादी संगठनों या अन्य अराजक किस्म के लोगों की रक्षा के लिए दिल्ली पुलिस मुस्तादी के साथ खड़ी दिखाई दे रही थी तो विरोध करने के लिए भेजे गए इन लोगों को दिखाने के लिए गोदी मीडिया अधिक उत्सुक दिखाई दे रहा था ।
आज जंतर मंतर में जो कुछ भी दिखाई दिया वह आक्रोश के रूप में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ नौजवानों की ओर से खुली चुनौती के रूप में विद्रोह माना जा सकता है ।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार अभिव्यक्ति को कुचलने के लिए कुख्यात रही है। तमाम तमाम उदाहरण दिए जा सकते हैं कि किस प्रकार से सरकार के खिलाफ बोलने वालों को या फिर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वालों का दामन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है ।
यह सवाल आज देश भर में नहीं पूछा जा रहा है कि काकरोच संगठन के आज के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन को राश्ट्रीय मीडिया क्यों नहीं दिखा रहा है। इसके विपरीत यह सवाल पूरे देश में चर्चा में है की क्यों राश्ट्रीय मीडिया पिछले पूरे पखवाड़े हर संभव कोशिश में था कि कॉकरोच संगठन के दिल्ली प्रदर्शन की घोषणा को हल्के-फुल्के में गायब कर दिया जाए।
देशभर के गांवों से अगर इस प्रकार के सवाल उठ रहे हैं तो निश्चित रूप से काकरोच संगठन की दिल्ली रैली पर देशभर के गांवों की नजर थी । आज दोपहर पूर्व ज्ञारह बजे के बाद से ही लोग सोशल मीडिया में दिल्ली जंतर मंतर को ढूंढ रहे थे। गोदी मीडिया के चैनलों में जाकर जंतर मंतर के प्रदर्शन को ढूंढने का प्रयास नहीं के बराबर होना एक ऐसी स्थिति है जो बड़े-बड़े चैनलों के रूप में स्थापित गोदी मीडिया के प्रति जनता के आक्रोश को भी प्रदर्शित कर रही ही है।





