महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की बेइज्जती करने के उद्देश्य से भाजपा विधायक द्वारा की गई टिप्पणी पर देशभर में गुस्सा ।

महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को लेकर लैंसडाउन के विधायक दिलीप सिंह रावत द्वारा दिए गए एक अति आपत्ति पूर्ण बयान का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक ने देश के प्रेरणापुंज वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के बारे में बहुत ही आपत्तिजनक बात कही। चूंकि चारु तिवारी इस कार्यक्रम में थे तो उन्होंने भाषण के बीच में ही जमकर प्रतिवाद भी किया। उत्तराखंड क्रांति दल के प्रखर कार्यकर्ता प्रमोद काला ने विधायक से सार्वजनिक माफी मांगने को कहा।

विधायक ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के खिलाफ अनाप-शनाप बोलने के बाद जनता को भी भ्रष्ट बताया और नई पीढ़ी के आंदोलनकारियों पर अभद्र टिप्पणी की। यह वाकया उस सभा में घटित हुआ जो सभा सुंदरियाल प्रोडक्शन द्वारा अपने संस्थापक विजय सुंदरियाल की पुण्यतिथि पर ‘स्वरोजगार दिवस’ के रूप में बुलाई गई थी।

इस वर्ष ‘सुंदरियाल प्रोडक्शन’ को 25 साल पूरे होने पर स्वरोजगार दिवस को ‘रजत जयंती’ के रूप में मनाया गया । इस आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी भी आमन्त्रित थे तथा इस आयोजन में मुख्य अतिथि लेंसडाउन के विधायक दिलीप सिंह रावत थे और अध्यक्षता मैती आंदोलन के पद्मश्री से सम्मानित श्री कल्याण सिंह रावत कर रहे थे।
जब विधायक दिलीप सिंह रावत ने अपने भाषण में कहा कि ‘बौद्धिक लोग कभी क्रांति नहीं करते। चंद्र सिंह गढ़वाली बुद्धिमान नहीं थे उनमें बुद्धि नहीं थी इसी लिये उन्होंने क्रांति की’ तो एक छण के लिए सभा में सन्नाटा पसर गया।
विधायक द्वारा क्रांतिकारी वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की बेइज्जती किये जाने से आक्रोशित चारु तिवारी ने कठोरता से प्रतिकार करते हुए कहा कि ‘वीर चंद्र सिंह गढ़वाली हमारे नायक हैं। दुनिया में उनसे बड़ा बौद्धिक/विचारवान दूसरा कोई नहीं था। उन्होंने निहत्थे पठानों पर गोली चलाने से इंकार कर सांप्रदायिक सौहार्द की इबारत लिखी।’

सभा में मौजूद विद्वानों की तीखी प्रतिक्रिया के बावजूद भाषण जारी रखते हुए विधायक रावत ने यहां तक बोल दिया कि ‘जनता पैसे और शराब पर बिकती है फिर भी सरकार जो भी काम करती है जनता के कहने पर करती है।’

विधायक के इस बयान पर भी पत्रकार चारु तिवारी ने भाषण के बीच में ही आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि ‘सरकार जनता के खिलाफ काम करती है। जनता कहती है शराब बंद करो, सरकार तिगुनी दुकानें खोलती है। जनता बड़ी बांध परियोजनाओं का विरोध करती है, सरकार उन्हें ही बनाती है। जनता जल, जंगल और जमीन पर अपना हक मांगती है तो सरकार एकमुश्त बेचने का प्रावधान कर देती है।

इधर सवाल संगठन ने भाजपा विधायक द्वारा सोची समझी रणनीति के तहत महान क्रांतिकारी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की बेइज्जति किए जाने के पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्य के मुख्यमंत्री धामी से कहा है कि वे पूरे देश से माफी मांगें। सवाल संगठन ने कहा है कि पेशावर विद्रोह के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली हम सबकी प्रेरणा हैं। उनका अपमान चेतना, संषर्ष, संवेदना, जनआंदोलनों की विरासत का अपमान है।

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