आक्रामक प्रतिरोध ही भारत और भारत के लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र मार्ग शेष बचा है (राहुल गांधी)

वर्ष 2026 में राहुल गांधी द्वारा इंडिया गठबंधन के साथियों की बैठक में दिया गया भाषण 1924 में कांग्रेस अध्यक्ष की हैसियत से बेलगांव में दिए गए गांधी जी के भाषण और इसके बाद 8 अगस्त 1942 को मुंबई के गोवालिया मैदान में भारत छोड़ो आंदोलन के समय करो या मरो का संदेश देने वाले महात्मा गांधी के भाषणों पर नए सिरे से मनन करने को विवश कर देता है – रमेश कृषक

बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की समझ में पूरी तरह से आ गया होगा कि भारत की चुनाव व्यवस्था जिस पर लंबे समय से राहुल गांधी प्रहार किए हुए हैं और जिस प्रहार पर कई बार ममता बनर्जी कृटिलता से मुस्कुराई भी थीं। अब ममता बनर्जी की समझ में यह भी आ ही गया होगा कि राज्य की वैधानिक संस्थाएं यदि निष्पक्ष नहीं है तो राज्य में निष्पक्ष चुनाव सिर्फ सपना देखने जैसा ही है।

बंगाल से पहले बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली मैं संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के साथी दलों को बार-बार समझाने का प्रयास करते रहे थे कि चुनाव निष्पक्ष नहीं बचे हैं पर सबको गंभीर होना होगा। कुछ समय पहले तक इस विषय पर सभी दल राहुल गांधी को अधिक नहीं सुनना चाह रहे थे।

बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश से अखिलेश यादव बिहार से तेजस्वी किसी न किसी रूप में ममता बनर्जी को सहयोग देने के लिए बंगाल तक गए थे। उस बीच भी समीक्षकों ने इशारा किया ही था कि हो रहे चुनाव को निष्पक्ष ना माना जाए।

बंगाल चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन के साथी संगठनों की बैठक सम्पन्न हुई । बैठक में क्या तय हुआ क्या तय नहीं हुआ इस पर बहुत अधिक चर्चा ना मीडिया में हुई और ना ही इंडिया गठबंधन के सहयोगी संगठनों ने ही चर्चा को आगे बढ़ाया । इस बैठक की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा में जो भाषण सहयोगी संगठनों के बीच परोसा उस भाषण को लेकर देश और दुनिया भर के चिंतकों और सुधि जनों के बीच खासी चर्चा सार्वजनिक हुई है। राहुल गांधी के भाषण को समीक्षकों ने आने वाले भारत के लिए एक लकीर के रूप में देखा है।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में ऐसा क्या कहा कि देश दुनिया में उनके भाषण पर गंभीरता से चिंतन और मंथन हो रहा है।

अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस आलोचना से नहीं भागती है। कांग्रेस का मंत्र प्यार है। जब हम प्यार के मंत्र के सहारे आगे को बढ़ रहे हैं तो हमारे खिलाफ जो भी जितना भी जहर उगलेगा हम उसको शिव परंपरा के अनुसार गटक लेंगे।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का जन्म प्रतिरोध की कोख से हुआ है। कांग्रेस के प्रतिरोध को पूरी दुनिया ने देखा है समझा है और वह प्रतिरोध तब था जब आज का आधुनिक भारत नहीं था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कांग्रेस का प्रतिरोध सभी भारतीय बराबर हंै के विचार पर केंद्रित है। हमारा प्रतिरोध आर एस एस की विचारधारा के खिलाफ है ।

उन्होंने इंडिया गठबंधन के संगठनों से साफ-साफ शब्दों में कहा कि राजनीति के जिन तौर तरीकों का इस्तेमाल आप लोग राज्य में स्थापित होने के लिए कर रहे हैं वे तौर तरीके किसी भी काम के इसलिए नहीं है कि देश में चुनाव का मैदान निष्पक्ष नहीं बचा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था, चुनाव आयोग, खुफिया तंत्र , खुफिया तंत्र की तमाम एजेंसियां, नौकरशाही तथा अन्य सभी जरूरी राज्य की संवैधानिक एजेंसियां सीधे-सीधे आरएसएस के कब्जे में है । ऐसी स्थिति में आप लोग जिन तौर तरीकों से भारतीय जनता पार्टी को हराना चाहते हैं वे तौर तरीके काम आने वाले नहीं हैं।

राहुल गांधी ने ममता बनर्जी की ओर इशारा करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान टीएमसी के अपने कई मित्रों से मैंने कहा था कि सपनों की दुनिया से बाहर आ जाओ, अब चुनाव के बाद ममता बनर्जी इस बात को समझ चुकी हांेगी कि बंगाल में वे चुनाव हारी नहीं हैं बल्कि उनसे चुनाव लूटा गया है।

राहुल गांधी ने सहयोगी संगठनों को चेतावनी देते हुए कहा कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र में जो मैंने देखा था उस पर आप लोग अस्वस्थ नहीं होना चाह रहे थे । देर सबेर सभी राजनीतिक दलों की समझ में वह सब आ जाएगा जो इन चुनावों के बाद मेरी समझ में आया है।
राहुल गांधी ने एक प्रकार से चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि भारत में राज्य के संस्थानों को दबाने या उन पर अतिक्रमण कर लिए जाने के खिलाफ कांग्रेस अधिक आक्रामक रूप से प्रतिरोध करेगी।

राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मोहब्बत के पैगाम के साथ पूरे भारत में जो यात्राएं उन्होंने की उन यात्राओं के माध्यम से मैंने भारत को बहुत नजदीक से देखा है और भारत को बहुत नजदीक से देखने के बाद में इस बात को कह रहा हूं की हमारे पास भारत को, भारत की परंपराओं को, भारतीय समाज को और भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए आक्रामक रूप से प्रतिरोध करने के अलावा और कोई मार्ग नहीं बचा है।

राहुल गांधी ने चोंकाने वाली बात यह कही कि यदि किसी राज्य में किसी संगठन की सरकार बन भी जाएगी तो वह संगठन सरकार को चला नहीं पाएंगे क्योंकि जिस लोकतंत्र की ताकत से आप सरकार को चलना चाहेंगे उस लोकतंत्र को सिरे से नष्ट कर दिया गया है।

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