विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राहुल गांधी ने ग्रेटर निकोबार को बचाने के लिए ऑनलाइन पर्यावरण मुहिम शुरू करने के साथ ही नौजवानों के बीच हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है।
राहुल गांधी की यह मुहिम एक तरफ सरकार के ग्रेट निकोबार और निकोबार में कोरल द्वीप पर फैलाए गए झूठ पर से चादर हटा रही है वहीं अडानी की खामोश रियल स्टेट परियोजना का सच भी जनता के बीच ला रही है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर राहुल गांधी ने सवाल उठाया है कि जहां ग्राम सभा है ही नहीं वहां कौन सी ग्राम सभाओं की बैठक करवाने की बात सरकार कर रही है । एक्सपर्ट भी स्वीकार रहे हैं कि जहां आदिवासी लोग रहते ही नहीं हैं वहां किन लोगों की ग्राम सभा से मंजूरी ली गई। राहुल गांधी ग्रेटर निकोबार प्रोजेक्ट को सिर्फ भ्रष्टाचार ही नहीं कहते हैं बल्कि अपराध भी मानते हैं।
राहुल गांधी जिस क्षेत्र और जिस मुद्दे को लेकर इस मुहिम को चला रहे हैं उस मुहिम से किसी भी प्रकार का राजनीतिक लाभ राहुल गांधी या कांग्रेस को नहीं मिलने वाला है। यह सत्य राहुल गांधी भी स्वीकारते हैं लेकिन कहते हैं कि देश के बचे खुचे वर्षा वनों को बचाने के लिए किसी को पहल तो करनी ही होगी।



