गुंडों- लफंगों की फौज इस देश के हर हिस्से में खड़ी कर दी गयी है, जो धर्म या जाति के नाम पर हिंसा करना न केवल जायज समझती बल्कि इसे गर्व का काम समझती है ! पुलिस के बड़े- बड़े अफसर उसके सामने खुद को दोयम समझते हैं क्योंकि पुलिस के इन अफसरों ने कानून और संविधान को किनारे रख कर, ये जिनके नाम ले रहा है, उनके सामने एड़ियां घिस- घिस कर सलामी देने और यस सर कहने को ही अपना परम कर्तव्य समझ लिया है.
पहले गुंडे- बदमाश सिर्फ अपने संगी- साथियों में अपनी गुंडई की डींगें हांका करते थे. लेकिन भाजपा राज में सत्ता संरक्षित गुंडों को अपने अपराध का बखान करने के लिए बकायदा सोशल मीडिया प्लेटफोर्मस् पर स्पेस मिल रहा है ! उनका यह बताना या डींग हांकना कि- उन्होंने किसी व्यक्ति को जानलेवा तरीके से पीटा और फिर भी उनका कुछ न बिगड़ा- उसका आधुनिकतम इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्रसारण हो रहा है ताकि उनकी बात इस मुल्क के घर- घर पहुंचाई जा सके और इस तरह के सत्ता संरक्षित गुंडों- लफंगों की वाहिनियां पूरे देश में खड़ी की जा सकें ! संविधान, लोकतंत्र, कानून- व्यवस्था और नागरिक अधिकारों को कुचल कर देश को ऐसे ही पतन के गर्त में धकेलती है, फ़ासिस्ट हुकूमत !
फ़ासिस्टों की इन गुंडा वाहिनियों के खिलाफ उठ खड़े हो मेरे देश !






