भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ में जन संगठनों और राजनीतिक दलों ने की नेहा के साथ दुर्व्यवहार की निन्दा

देहरादून
भारत छोड़ो आंदोलन की बरसी के मौके पर सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से एक सभा का आयोजन दीन दयाल उपाध्याय पार्क में किया गया। इस सभा में आजादी के इतिहास को याद किया गया। इसके साथ ही रांची में नेहा बोरा में स्याही फेंकने की घटना की निन्दा की गई और टिहरी के केतन लाल को न्याय दिलाने की मांग की गई।

एक्टिविस्ट और वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा ने कहा कि यह एक ऐसा संक्रमण काल है, जब सत्ता हर तरफ से हावी होने की फिराक में है। ऐसे में आंदोलनकारी शक्तियों को सतर्क और एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने दिल्ली से आंदोलन की जो लौ जलाई है, उसे अगले कुछ सालों तक जलाये रखने की जरूरत है। सर्वोदयी कार्यकर्ता भुवन पाठक ने आजादी के आंदोलन को याद किया। कहा कि मौजूदा सत्ता लैंड जेहाद, लव जेहाद और डेमोग्राफी बदलाव का झूठा नेरेटिव गढ़ रही हैं। राज्य सरकार सशक्त भूकानून बनाये जाने के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इस तथाकथित कानून के रहते पौड़ी में 14 नाली भूमि बिक गई है। उन्होंने कहा कि इस सौदेबाजी में सत्तापक्ष के लोग ही शामिल बताये जा रहे हैं।

सीपीआई माले के इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि देशभर में पेपर लीक के पीछे बीजेपी आरएसएस के लोग हैं। रांची में नेहा पर स्याही इसीलिए फेंकी गई थी। उनका कहना था कि नेहा रांची में उस सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने गई थी, जिसे उनकी खुद की पार्टी यानी सीपीआई माले का भी समर्थन है। वहां सत्ता पर काबिज झामुमो ने उनका विरोध नहीं किया। न कांग्रेस न किया न राजद ने। विरोध किया आरएसएस से जुड़े व्यक्ति ने। इससे साफ हो जाता है कि पेपर लीक के पीछे कौन लोग हैं।

आइसा के अंकित उछोली ने कांवड़ यात्रा के नाम पर पूरे उत्तराखंड में फैली अराजकता का सवाल उठाया। उनका कहना था कांवड़ यात्रा के नाम पर सरकार हुड़दंगियों को शह दे रही है। उत्तराखंड इंसानियत मंच के प्रो. एन राघवेन्द्र ने कहा कि सत्ता के विरोध में आवाज उठाना जरूरी है। संख्या बेशक कम हो, लेकिन ये आवाजें लगातार उठाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्ता सिर्फ घृणा की राजनीति कर रही है। साथ ही वह डरपोक भी है।

ईश्वर पाल शर्मा ने कहा कि सत्ता ने दमन की सभी हदें पार कर ली हैं। आज नेहा जैसे कई युवाओं की जरूरत है। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के कमलेश खंतवाल ने कहा कि मौजूद सत्ता कितना भी दमन करे, एक दिन जनता उसे सबक सिखाएगी। हमारा संविधान इन्हें उखाड़ फेंकने में मदद करेगा। सभा का संचालन करते हुए उत्तराखंड इंसानियत मंच के त्रिलोचन भट्ट तंज किया कि शहर में आज तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। तिरंगा यात्रा वे लोग निकाल रहे हैं, जो तिरंगे का विरोध करते रहे हैं और जिनका मुखिया तिरंगे का विरोध करने के बारे में सवाल पूछे जाने पर एक झूठी कहानी सुनाता है।

इस सभा में सीपीआई के डॉ. रवि चोपड़ा, धर्मानन्द लखेड़ा, एक्टिविस्ट राजू सिंह, स्वाति नेगी, नितिन काला, प्रदीप सती, धर्मेन्द्र जोशी आदि भी मौजूद थे। सभा की शुरूआत जनगीत और समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

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