Category शिक्षा

हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की जयंती (14 अगस्त, 1919) पर विशेष-(चारु तिवारी)

मैं तब बहुत छोटा था। नौंवी कक्षा में पढ़ता था। यह 1979-80 की बात है। बाबू (पिताजी) ने बताया कि दुनिया के एक बहुत बड़े वैज्ञानिक आज बग्वालीपोखर में आ रहे हैं। बग्वालीपोखर में उन दिनों सड़क तो नहीं आर्इ…

बच्ची पर दबाव बना कर वीडियो डलवाना एक डरी हुई हुकूमत के लक्षण हैं !-(इन्द्रेश मैखुरी)

परसों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने एक छात्र- युवा संवाद किया. अखबारों ने इस छात्र- युवा संवाद की सबसे बड़ी विशेषता बताई कि मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में पैंट-शर्ट पहन कर आए थे ! कार्यक्रम में छात्र- युवाओं की उपस्थिति और उसके…

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ राकेश सिंह नेगी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से जिन स्वयं सेवकों की परीक्षा आयोजित नहीं हुई थी उन सभी स्वयंसेवकों के लिए प्रकोष्ठ…

आपकी भाषा में से गाली निकाल दें तो आप गूंगे हो जाएंगे-(आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा)

जंतर-मंतर आंदोलन की प्रमुख नेता और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के बारे में सोशल मीडिया पर कुछ कुंठित- विकृत मानसिकता वाले सत्ता समर्थक बेहद घटिया किस्म की बातें लिख रहे हैं। प्रधानमंत्री के कल्चर शॉक वाले अभिनय के बीच…

हे.न.ब.ग.वि.वि . में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ एवं विचार गोष्ठी आयोजित

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा देशभर में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत आज हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी…

इतिहास, पुस्तकों का अंदाज़ : इतिहास को जीना- (डा० प्रभात उप्रेती)

इंसान होना एक खासा अनुभव है। उसके दिमाग की हरकत, उस दिमाग का पूर्वाग्रही या संस्कारों से भर जाना, या फिर अनकंडीशंड हालात में सुकून पाना और मर जाना—यह सब अपने आप में एक रहस्य है। अगले जन्म में अगर…

सरकार के प्राथमिक तथा जूनियर विद्यालयों की ओर पीठ क्यों कर रहे हैं ग्रामीण अभिभावक?

यूं तो उत्तराखंड के सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्र में दो तीन प्रतिशत प्राथमिक तथा जूनियर जमात की पाठशालाओं को सूची से हटा दिया जाए तो शेष पाठशालाओं में शिक्षा का स्तर एक जैसा ही है। और इसी बुरी स्थिति की वजह…