जंतर-मंतर आंदोलन की प्रमुख नेता और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के बारे में सोशल मीडिया पर कुछ कुंठित- विकृत मानसिकता वाले सत्ता समर्थक बेहद घटिया किस्म की बातें लिख रहे हैं।
प्रधानमंत्री के कल्चर शॉक वाले अभिनय के बीच उनकी भक्त मंडली जो युवतियों- लड़कियों को गाली- गलौच कर रही हैं, उससे किसी किस्म का शॉक प्रधानमंत्री जी या उनके समर्थकों को नहीं लग रहा होगा ! कैसे लगेगा, जबकि पिछले एक दशक से यह गालीबाजी ही तो उनकी भाषा है, आचार- व्यवहार है, संस्कार है !
बहरहाल गालीबाजों को कॉमरेड नेहा ने ठीक से जवाब दिया है कि “जो लोग जंतर मंतर पर आपके प्रधानमंत्री से नहीं डरे, आपके गृहमंत्री से नहीं डरे, आपकी पुलिस से नहीं डरे वह आपके टुच्चे से आईटी सेल के सिस्टम से डर जाएंगे? यह आपका भ्रम है। यह हमारा देश है अपने वतन की रक्षा के लिए हम किसी भी हद तक चले जाएंगे लेकिन बिना सत्ता के संरक्षण के आप अपनी चौखट से बाहर भी कदम नहीं रख पाएंगे”।
नेहा ने कहा कि देश जानता है कि आप सिर्फ गाली ही दे सकेंगे क्योंकि गाली ही आपकी बात है, गाली ही आपका तर्क है, गाली ही आपका स्वर है, आपकी भाषा में से गाली निकाल दें तो आप गूंगे हो जाएंगे !





