बागेश्वर यहां जिला पंचायत सदस्यों तथा जिले के विभिन्न महकमों के अधिकारियों की बैठक में पहुंचीं जिला अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत के सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी को बताया कि जनपद में अभी तक जिला योजना समिति के चुनाव नहीं करवाए गए हैं ऐसी स्थिति में वर्ष 2026-27 में जिला नियोजन समिति में पास हुए प्रस्तावों का कोई भी वैधानिक महत्व नहीं बचता है।
इस संबंध में जिला पंचायत सदस्यों द्वारा जिला अधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को चेतावनी पत्र भेजा गया है। पत्र में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि राज्य के सभी जनपदों में जिला योजना समितियां के चुनाव अति शीघ्र करवाए जाएं तथा बिना जिला समितियों के चुनाव करवाए हुए ही प्रदेश भर में करवाई गई वर्ष 2026- 27 की जिला नियोजन समिति की बैठकों को निरस्त मानते हुए जिला योजना समिति के चुनाव संपन्न करवाने के बाद जिला नियोजन समिति की विधिवत बैठकें बैठाई जाएं।
सदस्यों ने मांग की है कि 73 में संविधान संशोधन के अनुसार 29 विभागों को पंचायत के अधीन लाने की कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा विधायक निधि की तर्ज पर प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य हेतु जिला पंचायत सदस्य निधि का भी प्रावधान किया जाए।
मुख्यमंत्री को प्रेषित इस पत्र के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि एक माह के भीतर जिला योजना समितियां के चुनाव नहीं करवाए गए तथा इस पत्र के अन्य बिंदुओं पर संज्ञान नहीं लिया गया तो सदस्य उच्च न्यायालय की शरण में जाने के लिए बाध्य होंगे।
इस चेतावनी पत्र में सिमकूना, कन्याली कोट, कौसानी,जेठाई, बड़ेत, अणां, शामा, नान कन्याली कोट, बदियाकोट,मन्यूड़ा, दुदिला आदि सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं।






